Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.14.69: ढाल और तलवार चलाने की कला - संपात (आक्रमण), अविघात (प्रतिशोध में आक्रमण) और निपट (तलवार को ऊपर-नीचे चलाना) में दोनों सिंहों अभिमन्यु और जयद्रथ के बीच कोई अंतर नहीं देख सका। | mahabharat अध्याय 7.14: द्रोणका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका द्वन्द्वयुद्ध, रणनदीका वर्णन तथा अभिमन्युकी वीरता । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सम्पातेष्वभिघातेषु निपातेष्वसिचर्मणो:।
न तयोरन्तरं कश्चिद् ददर्श नरसिंहयो:॥ ६९॥
अनुवाद
ढाल और तलवार चलाने की कला - संपात (आक्रमण), अविघात (प्रतिशोध में आक्रमण) और निपट (तलवार को ऊपर-नीचे चलाना) में दोनों सिंहों अभिमन्यु और जयद्रथ के बीच कोई अंतर नहीं देख सका।
No one could see any difference between the two lions Abhimanyu and Jayadratha in the art of using the shield and the sword - Sampat (attack), Avighat (attack in retaliation) and Nipat (moving the sword up and down).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥