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mahabharat 7.14.65: अभिमन्यु अपने शत्रुओं द्वारा फेंके गए भालों, मेखलाओं और तलवारों को अपनी तलवार से काट डालता था और उन्हें अपनी ढाल पर रोक भी लेता था।   |   mahabharat अध्याय 7.14: द्रोणका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका द्वन्द्वयुद्ध, रणनदीका वर्णन तथा अभिमन्युकी वीरता   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.14.65 
प्रासपट्टिशनिस्त्रिंशाञ्छत्रुभि: सम्प्रचोदितान्।
चिच्छेद चासिना कार्ष्णिश्चर्मणा संरुरोध च॥ ६५॥
 
 
अनुवाद
अभिमन्यु अपने शत्रुओं द्वारा फेंके गए भालों, मेखलाओं और तलवारों को अपनी तलवार से काट डालता था और उन्हें अपनी ढाल पर रोक भी लेता था।
 
Abhimanyu would cut the spears, belts and swords thrown by his enemies with his sword and would also stop them on his shield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)