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mahabharat 7.14.61: उस समय सब राजाओं ने देखा कि जैसे सिंह बैलको गिराकर उसे मूर्छित कर देता है, वैसे ही अभिमन्युने पौरवको गिरा दिया है। वह मूर्छित पड़ा है और उसके कुछ बाल बिखरे हुए हैं ॥61॥   |   mahabharat अध्याय 7.14: द्रोणका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका द्वन्द्वयुद्ध, रणनदीका वर्णन तथा अभिमन्युकी वीरता   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 14: द्रोणका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका द्वन्द्वयुद्ध, रणनदीका वर्णन तथा अभिमन्युकी वीरता  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  7.14.61 
तमागलितकेशान्तं ददृशु: सर्वपार्थिवा:।
उक्षाणमिव सिंहेन पात्यमानमचेतसम्॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
उस समय सब राजाओं ने देखा कि जैसे सिंह बैलको गिराकर उसे मूर्छित कर देता है, वैसे ही अभिमन्युने पौरवको गिरा दिया है। वह मूर्छित पड़ा है और उसके कुछ बाल बिखरे हुए हैं ॥61॥
 
At that time all the kings saw that just as a lion knocks down a bull and makes it unconscious, in the same manner Abhimanyu has knocked down Paurava. He is lying unconscious and some of his hair is dishevelled. ॥ 61॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)