Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.14.47: वे अभिमानी राक्षस सैकड़ों प्रकार की माया रचकर एक-दूसरे को परास्त करना चाहते थे। वे अदृश्य रूप से विचरण करते थे, जिससे लोगों को बड़ा आश्चर्य होता था।॥47॥ | mahabharat अध्याय 7.14: द्रोणका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका द्वन्द्वयुद्ध, रणनदीका वर्णन तथा अभिमन्युकी वीरता । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे अभिमानी राक्षस सैकड़ों प्रकार की माया रचकर एक-दूसरे को परास्त करना चाहते थे। वे अदृश्य रूप से विचरण करते थे, जिससे लोगों को बड़ा आश्चर्य होता था।॥47॥
Those arrogant demons were creating hundreds of illusions and wanted to defeat each other through them. They were moving around invisibly, much to the surprise of people. ॥ 47॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥