श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 14: द्रोणका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका द्वन्द्वयुद्ध, रणनदीका वर्णन तथा अभिमन्युकी वीरता  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  7.14.44 
भूरिश्रवा रणे राजन् याज्ञसेनिं महारथम्।
महता सायकौघेन छादयामास वीर्यवान्॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
राजन! महाबली भूरिश्रवाण ने रणभूमि में मेघों की भारी वर्षा करके महारथी द्रुपदपुत्र शिखण्डी को ढक दिया॥44॥
 
Rajan! The mighty Bhurishravane covered the great charioteer Shikhandi, the son of Drupada, in the battlefield by showering heavy rain of clouds. 44॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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