Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.14.36: तब भोजवंशी कृतवर्मा ने तुरन्त ही सात्यकि को सतहत्तर तीखे बाणों से घायल कर दिया, किन्तु वे उसे हिला न सके, जैसे तेज हवा पर्वत को नहीं हिला सकती। | mahabharat अध्याय 7.14: द्रोणका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका द्वन्द्वयुद्ध, रणनदीका वर्णन तथा अभिमन्युकी वीरता । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब भोजवंशी कृतवर्मा ने तुरन्त ही सात्यकि को सतहत्तर तीखे बाणों से घायल कर दिया, किन्तु वे उसे हिला न सके, जैसे तेज हवा पर्वत को नहीं हिला सकती।
Then Kritavarman of the Bhoja dynasty immediately pierced Satyaki with seventy-seven sharp arrows, but he could not shake him like a strong wind cannot shake a mountain.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥