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mahabharat 7.14.32: तत्पश्चात् पराक्रमी नकुल ने उस युद्धस्थल में शल्य के घोड़े, छत्र, ध्वजा, सारथि और धनुष को काट डाला और विजयी होकर अपना शंख बजाया।   |   mahabharat अध्याय 7.14: द्रोणका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका द्वन्द्वयुद्ध, रणनदीका वर्णन तथा अभिमन्युकी वीरता   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.14.32 
तस्याश्वानातपत्रं च ध्वजं सूतमथो धनु:।
निपात्य नकुल: संख्ये शङ्खं दध्मौ प्रतापवान्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् पराक्रमी नकुल ने उस युद्धस्थल में शल्य के घोड़े, छत्र, ध्वजा, सारथि और धनुष को काट डाला और विजयी होकर अपना शंख बजाया।
 
Then the mighty Nakula cut down Shalya's horses, umbrella, flag, charioteer and bow on that battlefield and victoriously blew his conch.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)