श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 14: द्रोणका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका द्वन्द्वयुद्ध, रणनदीका वर्णन तथा अभिमन्युकी वीरता  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  7.14.26 
द्रोण: पाञ्चालराजानं विद्‍ध्वा दशभिराशुगै:।
बहुभिस्तेन चाभ्यस्तस्तं विव्याध ततोऽधिकै:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
द्रोणाचार्य ने पांचालराज द्रुपद को दस तीव्र बाणों से घायल कर दिया। फिर द्रुपद ने भी अनेक बाणों से उन्हें घायल कर दिया। फिर द्रोण ने भी और अधिक बाणों से द्रुपद को घायल कर दिया॥ 26॥
 
Dronacharya pierced the Panchala king Drupada with ten swift arrows. Then Drupada also injured him with many arrows. Then Drona also injured Drupada with more arrows.॥ 26॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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