श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 14: द्रोणका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका द्वन्द्वयुद्ध, रणनदीका वर्णन तथा अभिमन्युकी वीरता  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.14.21 
तानभिद्रवत: शूरांस्तावका दृढविक्रमा:।
सर्वत: प्रत्यगृह्णन्त तदभूल्लोमहर्षणम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
आपके बलवान एवं वीर सैनिकों ने उन आक्रमणकारी पाण्डव योद्धाओं को चारों ओर से रोक दिया। उस समय दोनों सेनाओं में बड़ा रोमांचक युद्ध आरम्भ हो गया।
 
Your strong and valiant soldiers stopped those attacking Pandava warriors from all sides. At that time a thrilling battle began between the two armies.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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