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mahabharat 7.14.15: उसके अंदर सैकड़ों लाशें पड़ी थीं। गिद्ध और चींटियाँ उस नदी का पानी पीते थे। वह हज़ारों योद्धाओं को यमराज के लोक ले जा रही थी।   |   mahabharat अध्याय 7.14: द्रोणका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका द्वन्द्वयुद्ध, रणनदीका वर्णन तथा अभिमन्युकी वीरता   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.14.15 
शरीरशतसम्बाधां गृध्रकङ्कनिषेविताम्।
महारथसहस्राणि नयन्तीं यमसादनम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
उसके अंदर सैकड़ों लाशें पड़ी थीं। गिद्ध और चींटियाँ उस नदी का पानी पीते थे। वह हज़ारों योद्धाओं को यमराज के लोक ले जा रही थी।
 
Hundreds of corpses were lying inside it. Vultures and ants used to drink that river. It was taking thousands of warriors to the world of Yamraj.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)