Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.14.12: वहाँ पैदल सैनिकों, हाथियों और घोड़ों के ढेर पड़े थे। बाणों का वेग नदी के वेग के समान था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो उसके घाट शरीर की लकड़ी से बने हों। नदी रथरूपी कछुओं से व्याप्त थी॥12॥ | mahabharat अध्याय 7.14: द्रोणका पराक्रम, कौरव-पाण्डववीरोंका द्वन्द्वयुद्ध, रणनदीका वर्णन तथा अभिमन्युकी वीरता । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ पैदल सैनिकों, हाथियों और घोड़ों के ढेर पड़े थे। बाणों का वेग नदी के वेग के समान था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो उसके घाट शरीर की लकड़ी से बने हों। नदी रथरूपी कछुओं से व्याप्त थी॥12॥
There were heaps of foot soldiers, elephants and horses lying there. The force of the arrows was the force of the river flowing through it. It was as if its ghats were made from the wood of the body. The river was permeated with turtles in the form of chariots.॥12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥