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mahabharat 7.139.97: भीम! तुम वन में रहने, फल, मूल, पुष्प खाने, व्रत और नियमों का पालन करने के योग्य हो। तुममें युद्ध कौशल का लेशमात्र भी नहीं है॥ 97॥   |   mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.139.97 
मूलपुष्पफलाहारो व्रतेषु नियमेषु च।
उचितस्त्वं वने भीम न त्वं युद्धविशारद:॥ ९७॥
 
 
अनुवाद
भीम! तुम वन में रहने, फल, मूल, पुष्प खाने, व्रत और नियमों का पालन करने के योग्य हो। तुममें युद्ध कौशल का लेशमात्र भी नहीं है॥ 97॥
 
Bhima! You are fit to live in the forest, eat fruits, roots and flowers and observe fasts and rules. You do not have even a trace of the skill of war.॥ 97॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)