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mahabharat 7.139.91: वहाँ बाणों की मार से व्याकुल भीमसेन को सारथिपुत्र कर्ण ने अपने तीखे बाणों से बार-बार घायल करके मूर्छित कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन  »  श्लोक 91
 
 
श्लोक  7.139.91 
तमेवं व्याकुलं भीमं भूयो भूय: शितै: शरै:।
मूर्च्छयाभिपरीताङ्गमकरोत् सूतनन्दन:॥ ९१॥
 
 
अनुवाद
वहाँ बाणों की मार से व्याकुल भीमसेन को सारथिपुत्र कर्ण ने अपने तीखे बाणों से बार-बार घायल करके मूर्छित कर दिया।
 
There Bhimasena, who was thus troubled with the strokes of arrows, was rendered unconscious by Karna, the son of a charioteer, by repeatedly striking him with his sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)