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mahabharat 7.139.9: जब कर्ण को तीव्र गति से चलने वाले पाण्डव पुत्र भीम ने बुरी तरह घायल कर दिया, तो वह रथ के कूबड़ पर टिक गया और अपनी आँखें बंद कर लीं।   |   mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.139.9 
सोऽतिविद्धो भृशं कर्ण: पाण्डवेन तरस्विना।
रथकूबरमालम्ब्य न्यमीलयत लोचने॥ ९॥
 
 
अनुवाद
जब कर्ण को तीव्र गति से चलने वाले पाण्डव पुत्र भीम ने बुरी तरह घायल कर दिया, तो वह रथ के कूबड़ पर टिक गया और अपनी आँखें बंद कर लीं।
 
When Karna was severely wounded by the swift Pandava son Bhima, he leaned on the hump of the chariot and closed his eyes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)