Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.139.8: मस्तक पर स्थित वे बाण सारथिपुत्र को उसी प्रकार सुशोभित कर रहे थे, जैसे वह पहले सिर पर नीलकमल की माला धारण करके सुशोभित होता था ॥8॥ | mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मस्तक पर स्थित वे बाण सारथिपुत्र को उसी प्रकार सुशोभित कर रहे थे, जैसे वह पहले सिर पर नीलकमल की माला धारण करके सुशोभित होता था ॥8॥
Those arrows situated on the forehead adorned the son of a charioteer in the same way as he used to be adorned earlier by wearing a garland of blue lotus on his head. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥