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mahabharat 7.139.78-79h: धनुष कट जाने और रथविहीन हो जाने पर भी भीमसेन ने अपना कर्तव्य निभाया और रथ को पीछे खींचकर युद्ध के लिए खड़े रहे। 78 1/2   |   mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन  »  श्लोक 78-79h
 
 
श्लोक  7.139.78-79h 
स च्छिन्नधन्वा विरथ: स्वधर्ममनुपालयन्॥ ७८॥
स्वरथं पृष्ठत: कृत्वा युद्धायैव व्यवस्थित:।
 
 
अनुवाद
धनुष कट जाने और रथविहीन हो जाने पर भी भीमसेन ने अपना कर्तव्य निभाया और रथ को पीछे खींचकर युद्ध के लिए खड़े रहे। 78 1/2
 
Even after his bow was cut and he was without a chariot, Bhimasena obeyed his duty and pulled his chariot back and stood still for the battle. 78 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)