Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.139.77-78h: जिस प्रकार गरुड़ सर्प को पकड़ लेते हैं, उसी प्रकार भीमसेन कर्ण को उसके रथ से पकड़ना चाहते थे। उनके इस कार्य की सभी कौरवों और भाटों ने भी प्रशंसा की। 77 1/2 | mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस प्रकार गरुड़ सर्प को पकड़ लेते हैं, उसी प्रकार भीमसेन कर्ण को उसके रथ से पकड़ना चाहते थे। उनके इस कार्य की सभी कौरवों और भाटों ने भी प्रशंसा की। 77 1/2
Just as Garuda catches a snake, in the same way Bhimasena wanted to catch Karna from his chariot. This act of his was praised by all the Kauravas and bards as well. 77 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥