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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन  »  श्लोक 76-77h
 
 
श्लोक  7.139.76-77h 
तं च दृष्ट्वा रथोपस्थे निलीनं व्यथितेन्द्रियम्॥ ७६॥
ध्वजमस्य समासाद्य तस्थौ भीमो महीतले।
 
 
अनुवाद
कर्ण की सारी इन्द्रियाँ व्याकुल हो गईं। वह रथ के पिछले भाग में छिपा हुआ था। उसे उस अवस्था में देखकर भीमसेन अपनी ध्वजा का सहारा लेकर भूमि पर खड़े हो गए।
 
All the senses of Karna were disturbed. He was hiding in the rear part of the chariot. Seeing him in that condition, Bhimsena stood on the ground taking support of his flag. 76 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)