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mahabharat 7.139.75-76h: युद्ध में विजय चाहने वाले भीमसेन का चरित्र देखकर राधापुत्र कर्ण ने अपना शरीर सिकोड़कर भीमसेन के आक्रमण को विफल कर दिया। 75 1/2   |   mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन  »  श्लोक 75-76h
 
 
श्लोक  7.139.75-76h 
स तस्य चरितं दृष्ट्वा संग्रामे विजयैषिण:॥ ७५॥
लयमास्थाय राधेयो भीमसेनमवञ्चयत्।
 
 
अनुवाद
युद्ध में विजय चाहने वाले भीमसेन का चरित्र देखकर राधापुत्र कर्ण ने अपना शरीर सिकोड़कर भीमसेन के आक्रमण को विफल कर दिया। 75 1/2
 
Seeing the character of Bhimasena who wanted to win the battle, Radha's son Karna shrank his body and foiled Bhimasena's attack. 75 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)