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mahabharat 7.139.65-66h: धनुष कट जाने पर क्रोधित होकर महाबाहु भीमसेन ने हाथ में भाला लेकर उसे घुमाकर कर्ण के रथ पर फेंका।   |   mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन  »  श्लोक 65-66h
 
 
श्लोक  7.139.65-66h 
स विधन्वा महाबाहुरथ शक्तिं परामृशत्॥ ६५॥
तां व्यवासृजदाविध्य क्रुद्ध: कर्णरथं प्रति।
 
 
अनुवाद
धनुष कट जाने पर क्रोधित होकर महाबाहु भीमसेन ने हाथ में भाला लेकर उसे घुमाकर कर्ण के रथ पर फेंका।
 
Enraged at his bow being cut, the mighty-armed Bhimasena took the spear in his hand and swung it around and threw it at Karna's chariot. 65 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)