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mahabharat 7.139.60: राजन! भीमसेन का वह बाण जो उनकी ओर आ रहा था, उसे महाबली राधानन्दन कर्ण ने हँसते हुए तीन बाणों से काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  7.139.60 
तमापतन्तं चिच्छेद राधेय: प्रहसन्निव।
त्रिभि: शरै: शरं राजन् पाण्डवस्य प्रतापवान्॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
राजन! भीमसेन का वह बाण जो उनकी ओर आ रहा था, उसे महाबली राधानन्दन कर्ण ने हँसते हुए तीन बाणों से काट डाला।
 
King! That arrow of Bhimasena which was coming towards him was smilingly cut by the mighty Radhanandan Karna with three arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)