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mahabharat 7.139.56: तत्पश्चात्, क्रोध में भरे हुए बलवान और पराक्रमी भीमसेन ने अपने ही अस्त्रों से कर्ण के अस्त्रों को नष्ट कर दिया और बाणों से उसे घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  7.139.56 
ततो भीमो महाबाहु: संरम्भी दृढविक्रम:।
अस्त्रैरस्त्राणि संवार्य शरैर्विव्याध सूतजम्॥ ५६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात्, क्रोध में भरे हुए बलवान और पराक्रमी भीमसेन ने अपने ही अस्त्रों से कर्ण के अस्त्रों को नष्ट कर दिया और बाणों से उसे घायल कर दिया।
 
Thereafter, the strong and mighty Bhimasena, filled with anger, warded off Karna's weapons with his own weapons and pierced him with arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)