Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.139.52-53: उस समय दोनों के गौचर्म के दस्तानों की टकराहट की ध्वनि होने लगी। साथ ही हथेलियों की ध्वनि और सिंह की भयानक दहाड़ भी सुनाई देने लगी। रथ के पहियों की घरघराहट और धनुष की डोरी की भयानक टंकार भी कानों तक पहुँचने लगी। 52-53। | mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय दोनों के गौचर्म के दस्तानों की टकराहट की ध्वनि होने लगी। साथ ही हथेलियों की ध्वनि और सिंह की भयानक दहाड़ भी सुनाई देने लगी। रथ के पहियों की घरघराहट और धनुष की डोरी की भयानक टंकार भी कानों तक पहुँचने लगी। 52-53।
At that time, the sound of the clash of the cow-skin gloves of both of them started to sound. Along with that, the sound of the palms and the terrifying roar of the lion also started to be heard. The whirring sound of the wheels of the chariot and the terrifying twang of the bowstring also started to reach the ears. 52-53.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥