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mahabharat 7.139.48-49h: भरतश्रेष्ठ! जब उन दोनों नरसिंहों के बाण आपस में टकराए, तब आकाश में अग्नि प्रकट हुई ॥48 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन  »  श्लोक 48-49h
 
 
श्लोक  7.139.48-49h 
अन्योन्यशरसंस्पर्शात् तयोर्मनुजसिंहयो:॥ ४८॥
आकाशे भरतश्रेष्ठ पावक: समजायत।
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! जब उन दोनों नरसिंहों के बाण आपस में टकराए, तब आकाश में अग्नि प्रकट हुई ॥48 1/2॥
 
Bharatshrestha! When the arrows of those two male lions collided with each other, fire appeared in the sky. 48 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)