Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.139.40-41: प्रजानाथ! भीमसेन का विशाल सुवर्णमय पृष्ठ वाला धनुष, प्रत्यंचा खींचने पर चक्राकार होकर दूसरे इन्द्रधनुष के समान दिखाई देने लगा। उससे निकलने वाले बाण ऐसे प्रतीत होते थे मानो आकाश को भर रहे हों। 40-41॥ | mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रजानाथ! भीमसेन का विशाल सुवर्णमय पृष्ठ वाला धनुष, प्रत्यंचा खींचने पर चक्राकार होकर दूसरे इन्द्रधनुष के समान दिखाई देने लगा। उससे निकलने वाले बाण ऐसे प्रतीत होते थे मानो आकाश को भर रहे हों। 40-41॥
Prajanath! Bhimsen's huge bow with a golden back turned into a circle when the string was pulled, looking like another rainbow bow. The arrows that appeared from it seemed as if they were filling the sky. 40-41॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥