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mahabharat 7.139.26-27h: तत्पश्चात सूतपुत्र क्रोधित होकर बाणों की वर्षा करने लगे और शरद् दोपहर के उज्ज्वल सूर्य के समान शोभायमान हो उठे ॥26 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन  »  श्लोक 26-27h
 
 
श्लोक  7.139.26-27h 
तत: क्रुद्ध: शरानस्यन् सूतपुत्रो व्यरोचत॥ २६॥
मध्यंदिनगतोऽर्चिष्मान् शरदीव दिवाकर:।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात सूतपुत्र क्रोधित होकर बाणों की वर्षा करने लगे और शरद् दोपहर के उज्ज्वल सूर्य के समान शोभायमान हो उठे ॥26 1/2॥
 
After that, Sutaputra got angry and started showering arrows and became beautiful like the bright sun of autumn afternoon. 26 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)