Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.139.19-21: परन्तु भीमसेन ने उसे भी क्षण भर में आधा काट डाला। इसी प्रकार तीसरे, चौथे, पाँचवें, छठे, सातवें, आठवें, नौवें, दसवें, ग्यारहवें, बारहवें, तेरहवें, चौदहवें, पंद्रहवें और सोलहवें धनुष को भी भीमसेन ने काट डाला। | mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदप्यथ निमेषार्धाच्चिच्छेदास्य वृकोदर:॥ १९॥
तृतीयं च चतुर्थं च पञ्चमं षष्ठमेव हि।
सप्तमं चाष्टमं चैव नवमं दशमं तथा॥ २०॥
एकादशं द्वादशं च त्रयोदशमथापि च।
चतुर्दशं पञ्चदशं षोडशं च वृकोदर:॥ २१॥
अनुवाद
परन्तु भीमसेन ने उसे भी क्षण भर में आधा काट डाला। इसी प्रकार तीसरे, चौथे, पाँचवें, छठे, सातवें, आठवें, नौवें, दसवें, ग्यारहवें, बारहवें, तेरहवें, चौदहवें, पंद्रहवें और सोलहवें धनुष को भी भीमसेन ने काट डाला।
But Bhimasena cut that too in half a moment. Similarly, Bhimasena cut the third, fourth, fifth, sixth, seventh, eighth, ninth, tenth, eleventh, twelfth, thirteenth, fourteenth, fifteenth and sixteenth bows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥