Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.139.17-18h: भरतनन्दन! तब शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले महाबाहु भीमसेन ने अपनी तलवार से सूतपुत्र का धनुष काट डाला और बड़े जोर से गर्जना की। 17 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  7.139.17-18h 
ततो भीमो महाबाहु: सूतपुत्रस्य भारत॥ १७॥
क्षुरप्रेण धनुश्छित्त्वा ननाद परवीरहा।
 
 
अनुवाद
भरतनन्दन! तब शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले महाबाहु भीमसेन ने अपनी तलवार से सूतपुत्र का धनुष काट डाला और बड़े जोर से गर्जना की। 17 1/2॥
 
Bharatnandan! Then Bhimasena, the mighty-armed destroyer of enemy warriors, cut the bow of Sutaputra with his sword and roared loudly. 17 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)