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mahabharat 7.139.14: हे शत्रुओं को संताप देने वाले राजन! तब कर्ण ने कुपित होकर पाण्डुपुत्र भीमसेन की छाती में नौ बाण मारे।   |   mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.139.14 
कर्णस्ततो महाराज पाण्डवं नवभि: शरै:।
आजघानोरसि क्रुद्ध: क्रुद्धरूपं परंतप॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हे शत्रुओं को संताप देने वाले राजन! तब कर्ण ने कुपित होकर पाण्डुपुत्र भीमसेन की छाती में नौ बाण मारे।
 
O King, who torments his enemies! Then Karna became furious and shot nine arrows into the chest of Bhimasena, son of Pandu.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)