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mahabharat 7.139.123-124h: उस समय उसने घोड़ों, हाथियों और मनुष्यों के शरीर को शंख और मोर पंख लगे बाणों से छेदकर सारी सेना का नाश कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन  »  श्लोक 123-124h
 
 
श्लोक  7.139.123-124h 
विदार्य देहान् नाराचैर्नरवारणवाजिनाम्॥ १२३॥
कङ्कबर्हिणवासोभिर्बलं व्यधमदर्जुन:।
 
 
अनुवाद
उस समय उसने घोड़ों, हाथियों और मनुष्यों के शरीर को शंख और मोर पंख लगे बाणों से छेदकर सारी सेना का नाश कर दिया।
 
At that time, he destroyed the entire army by piercing the bodies of horses, elephants and men with arrows fitted with shells and peacock feathers.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)