Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.139.104: आर्य! तुम्हें अन्य लोगों से युद्ध करना चाहिए। मेरे जैसे वीर पुरुषों से नहीं। जो मेरे जैसे योद्धाओं से युद्ध करते हैं, उनकी भी यही अथवा उससे भी बुरी दशा होती है॥104॥ | mahabharat अध्याय 7.139: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध, पहले भीमकी और पीछे कर्णकी विजय, उसके बाद अर्जुनके बाणोंसे व्यथित होकर कर्ण और अश्वत्थामाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
योद्धव्यं मारिषान्यत्र न योद्धव्यं च मादृशै:।
मादृशैर्युध्यमानानामेतच्चान्यच्च विद्यते॥ १०४॥
अनुवाद
आर्य! तुम्हें अन्य लोगों से युद्ध करना चाहिए। मेरे जैसे वीर पुरुषों से नहीं। जो मेरे जैसे योद्धाओं से युद्ध करते हैं, उनकी भी यही अथवा उससे भी बुरी दशा होती है॥104॥
Arya! You should fight with other people. Not with brave men like me. Those who fight with warriors like me face the same or even worse fate.॥ 104॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥