Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.138.21-25h: हे भरतानंद! वहाँ की भूमि नाना प्रकार की फटी, गिरी हुई और फेंकी हुई वस्तुओं से सुशोभित थी, जैसे सोने के पायल, हार, कुण्डल, मुकुट, अँगूठी, कड़े, बिछिया, उष्णी, स्वर्ण सूत्र, कवच, दस्तानों, हार, कंठहार, वस्त्र, छत्र, टूटे पंखे, थालियाँ, फटे हुए हाथी, घोड़े, मनुष्य, रक्त से सने हुए पंखयुक्त बाण और इसी प्रकार की अन्य वस्तुएँ यहाँ-वहाँ पड़ी हुई थीं, मानो आकाश ग्रहों से सुशोभित हो। | mahabharat अध्याय 7.138: भीमसेन और कर्णका भयंकर युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरतानंद! वहाँ की भूमि नाना प्रकार की फटी, गिरी हुई और फेंकी हुई वस्तुओं से सुशोभित थी, जैसे सोने के पायल, हार, कुण्डल, मुकुट, अँगूठी, कड़े, बिछिया, उष्णी, स्वर्ण सूत्र, कवच, दस्तानों, हार, कंठहार, वस्त्र, छत्र, टूटे पंखे, थालियाँ, फटे हुए हाथी, घोड़े, मनुष्य, रक्त से सने हुए पंखयुक्त बाण और इसी प्रकार की अन्य वस्तुएँ यहाँ-वहाँ पड़ी हुई थीं, मानो आकाश ग्रहों से सुशोभित हो।
Respected Bharata Nanda! The ground there was adorned with various kinds of torn, fallen and thrown away objects like golden anklets, necklaces, earrings, crowns, rings, rings, toe rings, ushnish, golden threads, armour, gloves, necklaces, necklaces, clothes, umbrellas, broken fans, dishes, torn elephants, horses, men, feathered arrows soaked in blood and other such things lying here and there, like the sky was adorned with planets.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥