vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 137: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा दुर्योधनके सात भाइयोंका वध
»
श्लोक 6
श्लोक
7.137.6
ते कर्णचापप्रभवा: शरा बर्हिणवासस:।
विविशु: सर्वत: पार्थं वासायेवाण्डजा द्रुमम्॥ ६॥
अनुवाद
कर्ण के धनुष से छूटे हुए मोरपंख जैसे बाण सभी दिशाओं से आकर भीमसेन के शरीर में उसी प्रकार घुस गए, जैसे पक्षी पेड़ों पर घोंसला बनाने के लिए आते हैं।
The peacock-feathered arrows shot from Karna's bow came from all directions and entered Bhimasena's body just like birds come to trees to nest.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×