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mahabharat 7.137.6: कर्ण के धनुष से छूटे हुए मोरपंख जैसे बाण सभी दिशाओं से आकर भीमसेन के शरीर में उसी प्रकार घुस गए, जैसे पक्षी पेड़ों पर घोंसला बनाने के लिए आते हैं।   |   mahabharat अध्याय 7.137: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा दुर्योधनके सात भाइयोंका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 137: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा दुर्योधनके सात भाइयोंका वध  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  7.137.6 
ते कर्णचापप्रभवा: शरा बर्हिणवासस:।
विविशु: सर्वत: पार्थं वासायेवाण्डजा द्रुमम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
कर्ण के धनुष से छूटे हुए मोरपंख जैसे बाण सभी दिशाओं से आकर भीमसेन के शरीर में उसी प्रकार घुस गए, जैसे पक्षी पेड़ों पर घोंसला बनाने के लिए आते हैं।
 
The peacock-feathered arrows shot from Karna's bow came from all directions and entered Bhimasena's body just like birds come to trees to nest.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)