तुम्हारे कारण ही मैंने भीमसेन और कर्ण के छोड़े हुए हजारों बाणों से राजाओं की विशाल सेनाओं को भस्म होते देखा है।
Because of you I have seen huge armies of kings being burnt by thousands of arrows shot by Bhimasena and Karna. 53.
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि जयद्रथवधपर्वणि भीमयुद्धे सप्तत्रिंशदधिकशततमोऽध्याय:॥ १३७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत जयद्रथवधपर्वमें भीमसेनयुद्धविषयक एक सौ सैंतीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १३७॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)