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mahabharat 7.137.50: अतः हे पुरुषश्रेष्ठ! तुम शोक न करो। तुम्हारा ही महान् अन्याय इसका कारण है। मैं तुम्हें ही अपने पुत्रों के नाश का मुख्य कारण मानता हूँ ॥50॥   |   mahabharat अध्याय 7.137: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा दुर्योधनके सात भाइयोंका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 137: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा दुर्योधनके सात भाइयोंका वध  »  श्लोक 50
 
 
श्लोक  7.137.50 
तन्मा शुचो नरव्याघ्र तवैवापनयो महान्।
विनाशहेतु: पुत्राणां भवानेव मतो मम॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
अतः हे पुरुषश्रेष्ठ! तुम शोक न करो। तुम्हारा ही महान् अन्याय इसका कारण है। मैं तुम्हें ही अपने पुत्रों के नाश का मुख्य कारण मानता हूँ ॥50॥
 
Therefore, O best of men, do not grieve. Your own great injustice is the cause of this. I consider you to be the main reason behind the destruction of your sons. ॥ 50॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)