vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 137: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा दुर्योधनके सात भाइयोंका वध
»
श्लोक 41
श्लोक
7.137.41
एकत्रिंशन्महाराज पुत्रांस्तव निपातितान्।
हतान् दुर्योधनो दृष्ट्वा क्षत्तु: सस्मार तद् वच:॥ ४१॥
अनुवाद
महाराज! आपके इकतीस (दुःशला सहित बत्तीस) पुत्रों को मारा हुआ देखकर दुर्योधन को विदुरजी की कही हुई बात याद आ गई।
Maharaj! On seeing your thirty-one (thirty-two including Dushala) sons killed, Duryodhan remembered what Vidur ji had said. 41.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×