Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.137.27: महाराज! वे सुवर्णमय बाण उन सातों भाइयों की छाती में छेद करके आकाश में विचरण करने वाले गरुड़ पक्षियों के समान शोभायमान हो गए॥27॥   |   mahabharat अध्याय 7.137: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा दुर्योधनके सात भाइयोंका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 137: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा दुर्योधनके सात भाइयोंका वध  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  7.137.27 
तेषां विदार्य चेतांसि शरा हेमविभूषिता:।
व्यराजन्त महाराज सुपर्णा इव खेचरा:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
महाराज! वे सुवर्णमय बाण उन सातों भाइयों की छाती में छेद करके आकाश में विचरण करने वाले गरुड़ पक्षियों के समान शोभायमान हो गए॥27॥
 
Maharaj! Those golden arrows pierced the chests of those seven brothers and became beautiful like the Garuda birds roaming in the sky. 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)