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mahabharat 7.137.21: जिस प्रकार वर्षा ऋतु में बादल पर्वतों पर जल की धाराएँ बरसाते हैं, उसी प्रकार कौरवों ने कुन्तीपुत्र के पास जाकर उसे अपने बाणों की वर्षा से ढक दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.137: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा दुर्योधनके सात भाइयोंका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 137: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा दुर्योधनके सात भाइयोंका वध  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.137.21 
ते समासाद्य कौन्तेयमावृण्वन् शरवृष्टिभि:।
पर्वतं वारिधाराभि: प्रावृषीव बलाहका:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
जिस प्रकार वर्षा ऋतु में बादल पर्वतों पर जल की धाराएँ बरसाते हैं, उसी प्रकार कौरवों ने कुन्तीपुत्र के पास जाकर उसे अपने बाणों की वर्षा से ढक दिया।
 
Just as clouds pour down torrents of water on mountains during monsoon, similarly the Kauravas went near Kunti's son and covered him with a shower of their arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)