श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 137: भीमसेन और कर्णका युद्ध तथा दुर्योधनके सात भाइयोंका वध  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.137.10 
तमन्तकमिवायस्तमापतन्तं वृकोदर:।
त्यक्त्वा प्राणानतिक्रम्य विव्याध निशितै: शरै:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
कर्ण को यमराज के समान आते देख भीमसेन ने प्राणों की आसक्ति त्यागकर उसे तीखे बाणों से वीरतापूर्वक घायल करना आरम्भ कर दिया।
 
Seeing Karna approaching like Yamaraja, Bhimasena, giving up his attachment to life, began to pierce him valiantly with sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)