vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 136: भीमसेन और कर्णका युद्ध, कर्णका पलायन, धृतराष्ट्रके सात पुत्रोंका वध तथा भीमका पराक्रम
»
श्लोक 24
श्लोक
7.136.24
रथं चान्यं समास्थाय विधिवत् कल्पितं पुन:।
अभ्ययात् पाण्डवं युद्धे त्वरमाण: पराक्रमी॥ २४॥
अनुवाद
तत्पश्चात् उस वीर योद्धा ने समस्त अनुष्ठानों से सुसज्जित दूसरे रथ पर बैठकर शीघ्रतापूर्वक पाण्डुपुत्र भीमसेन पर आक्रमण किया।
Then that valiant warrior, seated himself in another chariot decorated with all the rituals, quickly attacked Bhimasena, the son of Pandu.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×