vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 136: भीमसेन और कर्णका युद्ध, कर्णका पलायन, धृतराष्ट्रके सात पुत्रोंका वध तथा भीमका पराक्रम
»
श्लोक 17
श्लोक
7.136.17
स च्छाद्यमानो बाणौघैर्भीमसेनधनुश्च्युतै:।
पुनरेवाभवत् कर्णो भीमसेनात् पराङ्मुख:॥ १७॥
अनुवाद
भीमसेन के धनुष से छूटे हुए बाणों की वर्षा से आच्छादित होकर कर्ण पुनः भीमसेन से विमुख हो गया (उनकी ओर पीठ करके भाग गया)॥17॥
Covered with a shower of arrows shot from Bhimasena's bow, Karna again turned away from Bhimasena (turned his back to him and ran away).॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×