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mahabharat 7.136.16: वे तीखे बाण कर्ण के कवच और दाहिनी भुजा को छेदकर पृथ्वी में घुस गए, जैसे सर्प बिल में घुस जाते हैं॥16॥   |   mahabharat अध्याय 7.136: भीमसेन और कर्णका युद्ध, कर्णका पलायन, धृतराष्ट्रके सात पुत्रोंका वध तथा भीमका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 136: भीमसेन और कर्णका युद्ध, कर्णका पलायन, धृतराष्ट्रके सात पुत्रोंका वध तथा भीमका पराक्रम  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.136.16 
ते तस्य कवचं भित्त्वा तथा बाहुं च दक्षिणम्।
अभ्ययुर्धरणीं तीक्ष्णा वल्मीकमिव पन्नगा:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
वे तीखे बाण कर्ण के कवच और दाहिनी भुजा को छेदकर पृथ्वी में घुस गए, जैसे सर्प बिल में घुस जाते हैं॥16॥
 
Those sharp arrows, having pierced Karna's armour and right arm, entered the earth like serpents entering a hole.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)