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mahabharat 7.135.39: महाराज! भीमसेन के तीखे बाणों से सब ओर से अवरुद्ध होने पर भी सारथी पुत्र कर्ण क्रोध से भीमसेन की ओर देख रहा था।   |   mahabharat अध्याय 7.135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  7.135.39 
स वार्यमाणो भीमेन शितैर्बाणै: समन्तत:।
सूतपुत्रो महाराज भीमसेनमवैक्षत॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
महाराज! भीमसेन के तीखे बाणों से सब ओर से अवरुद्ध होने पर भी सारथी पुत्र कर्ण क्रोध से भीमसेन की ओर देख रहा था।
 
Maharaj! Even though blocked from all sides by Bhimasena's sharp arrows, the son of a charioteer Karna looked angrily at Bhimasena.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)