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mahabharat 7.135.32: अचानक युद्धभूमि में उन दिव्य राजकुमारों को देखकर भीमसेन ने मुस्कुराते हुए उनके प्रहार सहन किये।   |   mahabharat अध्याय 7.135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  7.135.32 
आगच्छतस्तान् सहसा कुमारान् देवरूपिण:।
प्रतिजग्राह समरे भीमसेनो हसन्निव॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
अचानक युद्धभूमि में उन दिव्य राजकुमारों को देखकर भीमसेन ने मुस्कुराते हुए उनके प्रहार सहन किये।
 
Suddenly beholding those divine princes on the battlefield, Bhimasena endured their blows smilingly.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)