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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  7.135.30 
दुर्मर्षणो दु:सहश्च दुर्मदो दुर्धरो जय:।
पाण्डवं चित्रसंनाहास्तं प्रतीपमुपाद्रवन्॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
इन पाँचों के नाम हैं: दुर्मर्षण, दुसह, दुर्मद, दुर्धर (दुर्धधर) और जय। ये सभी विचित्र कवच धारण करके अपने प्रतिद्वन्द्वी पाण्डवपुत्र भीमसेन पर आक्रमण कर रहे थे।
 
The names of the five are Durmarshan, Dusaha, Durmad, Durdhar (Duradhar) and Jai. All of them wore strange armour and attacked their opponent, Pandava's son Bhimasena.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)