Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.135.23-24: सूत! युद्ध में जब शत्रु क्रोधित हो जाता है, तब पाण्डव, पांचाल, श्रीकृष्ण और सात्यकि - इनमें से कोई भी उसके प्राणों की रक्षा करना नहीं जानता। अहा! मेरे पुत्रों के प्राण महान संकट में पड़ गए हैं॥ 23-24॥   |   mahabharat अध्याय 7.135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध  »  श्लोक 23-24
 
 
श्लोक  7.135.23-24 
न पार्था न च पञ्चाला न च केशवसात्यकी॥ २३॥
जानते युधि संरब्धा जीवितं परिरक्षितुम्।
अहो मम सुतानां हि विपन्नं सूत जीवितम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
सूत! युद्ध में जब शत्रु क्रोधित हो जाता है, तब पाण्डव, पांचाल, श्रीकृष्ण और सात्यकि - इनमें से कोई भी उसके प्राणों की रक्षा करना नहीं जानता। अहा! मेरे पुत्रों के प्राण महान संकट में पड़ गए हैं॥ 23-24॥
 
Suta! When the enemy becomes angry in the war, the Pandavas, the Panchalas, Shri Krishna and Satyaki - none of them know how to save his life. Oh! The lives of my sons have fallen into great danger.॥ 23-24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)