Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.135.2: कर्ण युद्धभूमि में कृष्ण सहित समस्त कुन्तीपुत्रों को परास्त करने के लिए उत्साहित है। मैं संसार में कर्ण के समान दूसरा कोई योद्धा नहीं देखता।॥2॥ | mahabharat अध्याय 7.135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कर्ण: पार्थान् सगोविन्दान् जेतुमुत्सहते रणे।
न च कर्णसमं योधं लोके पश्यामि कञ्चन॥ २॥
अनुवाद
कर्ण युद्धभूमि में कृष्ण सहित समस्त कुन्तीपुत्रों को परास्त करने के लिए उत्साहित है। मैं संसार में कर्ण के समान दूसरा कोई योद्धा नहीं देखता।॥2॥
Karna is enthusiastic about defeating all the sons of Kunti including Krishna on the battlefield. I do not see any other warrior like Karna in the world.'॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥