Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.135.16-18h: उस दिन अत्यन्त क्रोधित भीमसेन ने सभाभवन में समस्त कौरवों के सामने मेरे पुत्रों के वध के विषय में जो प्रतिज्ञा की थी, उसे सोचकर और कर्ण को पराजित देखकर दु:शासन अपने भाई दुर्योधन सहित भय के मारे अवश्य ही भीमसेन के पास से दूर चला गया होगा॥ 16-17 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस दिन अत्यन्त क्रोधित भीमसेन ने सभाभवन में समस्त कौरवों के सामने मेरे पुत्रों के वध के विषय में जो प्रतिज्ञा की थी, उसे सोचकर और कर्ण को पराजित देखकर दु:शासन अपने भाई दुर्योधन सहित भय के मारे अवश्य ही भीमसेन के पास से दूर चला गया होगा॥ 16-17 1/2॥
Thinking of the vow that the fiercely angry Bhimasena had made that day in the assembly hall in front of all the Kauravas regarding the killing of my sons, and seeing Karna defeated, Dushasana along with his brother Duryodhana must have certainly moved away from Bhimasena out of fear.॥ 16-17 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥