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mahabharat 7.135.11-12h: युद्धभूमि में दानवों पर विजय पाने वाले देवताओं के राजा इन्द्र के समान कर्ण को पराजित करने वाले पाण्डव पुत्र भीमसेन को कोई नहीं हरा सकता।   |   mahabharat अध्याय 7.135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 135: धृतराष्ट्रका खेदपूर्वक भीमसेनके बलका वर्णन और अपने पुत्रोंकी निन्दा करना तथा भीमके द्वारा दुर्मर्षण आदि धृतराष्ट्रके पाँच पुत्रोंका वध  »  श्लोक 11-12h
 
 
श्लोक  7.135.11-12h 
योऽजयत् समरे कर्णं पुरंदर इवासुरम्॥ ११॥
न स पाण्डुसुतो जेतुं शक्य: केनचिदाहवे।
 
 
अनुवाद
युद्धभूमि में दानवों पर विजय पाने वाले देवताओं के राजा इन्द्र के समान कर्ण को पराजित करने वाले पाण्डव पुत्र भीमसेन को कोई नहीं हरा सकता।
 
No one can defeat Bhimasena, son of Pandava, who defeated Karna like Indra, the king of gods who conquered demons in the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)