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mahabharat 7.134.32-33h: तब भीमसेन ने अपने प्रयत्न से गरुड़ के समान वेगवान तीन बाणों से सारथिपुत्र कर्ण को तथा उसके सारथि को सात बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.134: भीमसेन और कर्णका युद्ध, धृतराष्ट्रपुत्र दुर्मुखका वध तथा कर्णका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 134: भीमसेन और कर्णका युद्ध, धृतराष्ट्रपुत्र दुर्मुखका वध तथा कर्णका पलायन  »  श्लोक 32-33h
 
 
श्लोक  7.134.32-33h 
स भीमस्त्रिभिरायत्त: सूतपुत्रं पतत्त्रिभि:॥ ३२॥
सुपर्णवेगैर्विव्याध सारथिं चास्य सप्तभि:।
 
 
अनुवाद
तब भीमसेन ने अपने प्रयत्न से गरुड़ के समान वेगवान तीन बाणों से सारथिपुत्र कर्ण को तथा उसके सारथि को सात बाणों से घायल कर दिया।
 
Then Bhimasena with his efforts wounded Karna, the son of a charioteer, with three arrows as swift as those of Garuda and his charioteer with seven arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)